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स्कूल - कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों के साथ शुरू की चर्चा, अन्तिम निर्णय होगा राज्यों के हाथ

स्कूल - कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों के साथ शुरू की चर्चा, अन्तिम निर्णय होगा राज्यों के हाथ कोरोना के डर से बंद पड़े देश भर के स्कूल कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को संक्रमण की रफ्तार के थमते ही फिर से खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। हालांकि इन्हें कब से खोला जाना है इसका फैसला राज्यों को ही करना है। नई दिल्ली । कोरोना के डर से बंद पड़े देश भर के स्कूल, कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को संक्रमण की रफ्तार के थमते ही फिर से खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। हालांकि इन्हें कब से खोला जाना है, इसका फैसला राज्यों को ही करना है। लेकिन इससे पहले छात्रों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कुछ जरुरी दिशा-निर्देश दिए जा सकते है। फिलहाल इसकी तैयारी शुरु हो गई है। इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार ने एक फरवरी से कक्षा एक से 12 तक के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं फिर से खोलने की घोषणा की है। केंद्र ने बच्चों के वैक्सीनेशन की मांगी जानकारी सभी राज्यों से 15 साल से ज्यादा उम्र वाले छात्रों के वैक्सीनेशन की जानकारी मां...

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बीएड प्रवेश से वंचित 37 हज़ार अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, जमा शुल्क जल्द होगा वापस, बीएड कॉलेजों को भी शुल्क भेजना हुआ शुरू

बीएड प्रवेश से वंचित 37 हज़ार अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, जमा शुल्क जल्द होगा वापस, बीएड कॉलेजों को भी शुल्क भेजना हुआ शुरू संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2021-23 में शामिल हो चुके 37 हजार अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर हैं। काउंसलिंग कराने के बाद भी जिन अभ्यर्थियों को सीटें नहीं आवंटित हुईं थीं, जल्द ही उनका शुल्क वापस खाते में वापस कर दिया जाएगा।लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक फरवरी से शुल्क भेजने की तैयारी की है। इस बार लखनऊ विश्वविद्यालय ने संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। दाखिले के लिए दो महीने तीन दिन तक चली काउंसलिंग की प्रक्रिया 20 नवंबर को समाप्त हुई थी। राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेयी ने बताया कि प्रदेश भर के करीब पांच हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने सीधी काउंसिलिंग में प्रतिभाग कर 51,250 रुपये शुल्क जमा कर दिया था। लेकिन कोई सीट आवंटित नहीं हो पाई। इसके अलावा करीब 32 हजार अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जिन्होंने पहली और पूल काउंसलिंग में शामिल होने के लिए पांच हजार रुपये एडवांस में जमा किए थे। इन सभी के शुल्क वापसी की प्रक्रिया एक फरवरी से शुरू करने की तैयारी है। अभ्यर्थियों...

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शिक्षा जगत के मुद्दे चुनावी चर्चा से बाहर, बहु प्रचारित नई शिक्षा नीति पर भी नहीं हो पा रही चर्चा

शिक्षा जगत के मुद्दे चुनावी चर्चा से बाहर, बहु प्रचारित नई शिक्षा नीति पर भी नहीं हो पा रही चर्चा कोराना संक्रमण के दौर में होने जा रहे प्रदेश विधानसभा के चुनाव शिक्षा जगत के मुद्दे अभी तक चर्चा में जगह नहीं बना पाए हैं। चुनावी रैलियों व जनसभाओं पर रोक के कारण वर्चुअल माध्यम पर निर्भरता भी शिक्षा के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण नहीं कर पा रही। यहां तक कि बहु प्रचारित नई शिक्षा नीति पर भी कोई मुद्दा नहीं बन पा रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चुनावी बिगुल बजने से पहले प्रदेश में आम आदमी पार्टी की दस्तक के साथ एक बार प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा मुद्दा बनती नजर आई थी, लेकिन चुनावी सरगर्मी बढ़ने के बाद उस पर चर्चा भी नहीं हो पा रही है।  दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली और यूपी के सरकारी स्कूलों की तुलनात्मक स्थिति पर बहस छेड़कर इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। कुछ दिनों तक भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच वार-पलटवार का दौर भी चला, लेकिन अब मुद्दा चुनावी परिदृश्य से ओझल है।  इसी तरह सत्तारूढ़ भाजपा ने नई शिक्षा नीति को ‘गेम चेंजर’ के तौर पर प्रचारित...

शिक्षा जगत के मुद्दे चुनावी चर्चा से बाहर, बहु प्रचारित नई शिक्षा नीति पर भी नहीं हो पा रही चर्चा

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विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने पर ध्यान देने के निर्देश, अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर यूपी में भी लागू करने का करें प्रयास - मुख्य सचिव, उ0प्र0

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