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संविदा अनुदेशकों की कार्यावधि में बदलाव को चुनौती, यूपी सरकार से जवाब तलब

संविदा अनुदेशकों की कार्यावधि में बदलाव को चुनौती, यूपी सरकार से जवाब तलब प्रयागराज ।  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों की संविदा अवधि में किए गए संशोधन संबंधी शासनादेश की वैधता के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।  यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने महराजगंज के राकेश पटेल की याचिका को विचारणीय मानते हुए दिया है। याचिका के अनुसार अभी तक 11 माह की संविदा पर अनुदेशकों की संविदा नियुक्ति की जाती थी। शासनादेश जारी कर इस अवधि में 15 दिन की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब 11 माह 15 दिन की संविदा अवधि कर दी गई है, लेकिन इसमें शर्त जोड़ दी गई है कि सर्दियों की छुट्टी 31 दिसम्बर 2022 से 14 जनवरी 23 तक का मानदेय नहीं मिलेगा।  15 जून 2022 के शासनादेश को याचिका में चुनौती दी गई है। याचिका की अगली सुनवाई एक नवंबर को होगी। HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD Court No. - 33 Case :- WRIT - A No. - 13513 of 2022 Petitioner :- Rakesh Patel And 2 Others Respondent :- State Of U.P. And 3 Others Co...

यूपी बोर्ड : ब्लाक के खराब विद्यालय छटेंगे, अच्छे ही बनेंगे परीक्षा केंद्र

यूपी बोर्ड : ब्लाक के खराब विद्यालय छटेंगे, अच्छे ही बनेंगे परीक्षा केंद्र प्रयागराज पंजीकरण : की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन ने यूपी बोर्ड की वर्ष 2023 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के केंद्र बनाने के लिए ब्लाक स्तर पर स्थित अच्छे विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में ब्लाक स्तर पर स्थित राजकीय इंटर कालेज, राजकीय हाईस्कूल एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासन से पूर्व में सभी डीआइओएस को भेजे पत्र में डीएम के माध्यम से ब्लाक स्तर के उन विद्यालयों को छांटने निर्देश दिए थे, जिनकी छवि अच्छी नहीं है। ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर किया जाना है। वर्ष 2023 की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी गई है। बोर्ड सचिव सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र छात्राओं के आवेदन प्रधानाचार्यों के माध्यम से पूरे करा लिए हैं। source http://www.primarykamaster.in/2022/09/blog-post_87.html

यूपी बोर्ड : 10वीं-12वीं के फॉर्म भरने का एक और मौका

यूपी बोर्ड : 10वीं-12वीं के फॉर्म भरने का एक और मौका   प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने वर्ष 2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट परीक्षा तथा स्क्रूटनी परिणाम में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों के 2023 की बोर्ड परीक्षा के आवेदन पत्र भरने के लिए एक और मौका दिया है। सचिव दिब्यकांत शुक्ल की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार कोषगार में परीक्षा शुल्क एक अक्तूबर तक जमा होंगे।  तीन से दस अक्तूबर तक शुल्क विवरण और आवेदन पत्र वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। इसी प्रकार वर्ष 2022 की हाईस्कूल कंपार्टमेंट/इंप्रूवमेंट परीक्षा तथा स्क्रूटनी परिणाम में सफलपरीक्षार्थियों के 11वीं में प्रवेश लेकर अग्रिम पंजीकरण कराने का भी मौका दिया है। 11वीं के परीक्षा शुल्क भी एक अक्तूबर तक जमा होंगे। source http://www.primarykamaster.in/2022/09/10-12.html

यूपी बोर्ड : 10वीं-12वीं के फॉर्म भरने का एक और मौका

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गैर मान्यता प्राप्त ही नहीं, अनुदानित मदरसों में भी स्थिति खराब

गैर मान्यता प्राप्त ही नहीं, अनुदानित मदरसों में भी स्थिति खराब डॉ. सुचिता चतुर्वेदी ने कहा, मदरसों में हो रहा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ लखनऊ। गैर मान्यता प्राप्त ही नहीं बल्कि मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों का भी बुरा हाल है। यहां भी बच्चों को सही शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इस बाबत बाल संरक्षण आयोग की सदस्य की जांच में स्थिति ठीक नहीं मिली थी। उन्होंने कहा था कि इन मदरसों का पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है। वर्तमान में प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे चल रहा है। इसे लेकर जहां विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं सरकार का कहना है कि यह सर्वे मदरसों के बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। उधर, अनुदानित मदरसों की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। प्रदेश में कुल 16,500 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। इनमें से 558 अनुदानित और 7,442 आधुनिक मदरसे हैं। इनमें 19 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी के मुताबिक उन्होंने कुशीनगर देवरिया महराजगंज आदि में मदरसों का निरीक्षण किया तो पाया अनुदानित मदरसों में भी अध्यापकों का ...

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43 स्कूलों के भवन तैयार अगले साल से होंगे गुलजार, मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बनवाए गए हैं इंटर कॉलेज

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