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यूपी बोर्ड परीक्षा: परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर होगी कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति

परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर होगी कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति 40 परीक्षार्थियों पर दो, 41 से 60 परीक्षार्थियों पर तीन कक्ष निरीक्षक होंगे नियुक्त 50 फीसदी कक्ष निरीक्षक होंगे बाहरी, अपने विषय की परीक्षा में नहीं करेंगे ड्यूटी प्रयागराज । यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर की जाएगी। 40 परीक्षार्थियों पर दो कक्ष निरीक्षक और 41 से 60 परीक्षार्थियों तक तीन कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इस बाबत बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सचिव ने यह निर्देश भी दिए हैं कि परीक्षा केंद्र पर 50 फीसदी कक्ष निरीक्षक बाहरी रखे जाएं। जिस दिन जिस विषय की परीक्षा हो उस पाली में संबंधित विषय अध्यापक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक एवं अवमोचक के रूप में न लगाई जाए। साथ ही कक्ष निरीक्षक के रूप में नियुक्त किए गए अध्यापकों का पूर्ण विवरण परीक्षा केंद्र में सुरक्षित रखा जाए। सचिव की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार कक्ष निरीक्षकों का परिचय पत्र ...

बीएसए शामली के एक्शन पर ARPs का रिएक्शन, दे दिया सामूहिक इस्तीफा

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बीएसए शामली के एक्शन पर ARPs का रिएक्शन, दे दिया सामूहिक इस्तीफा

बीएसए शामली के एक्शन पर ARPs का रिएक्शन,  दे दिया सामूहिक इस्तीफा लगाया आरोप -बीएसए के पत्र से मनोबल गिरा हैं, हमेशा शामली नंबर वन रहा.. अब छवि धूमिल हुई शामली । निपुण लक्ष्य एप पर माह जनवरी में मात्र 10 विधार्थियो के आंकलन पर बीएसए कुमारी कोमल ने कड़ा कदम उठाते हुए जिले के सभी एआरपी का वेतन रोका तो जनपद के सभी एआरपी ने सामूहिक इस्तीफा देते हुए स्पष्ट कर दिया की एआरपी की जिम्मेदारी सिर्फ शिक्षकों को प्रेरित करने की हैं, सीधे वेतन रोकना शोषण हैं।  गत दिवस जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कुमारी कोमल ने आंकलन के दौरान सभी एआरपी को जिम्मेदार मानते हुए वेतन रोका था। अब सभी  एआरपी ने सामूहिक इस्तीफा देकर सभी को चौका दिया। सामूहिक इस्तीफे मे शामली के एआरपी की और से कहा गया की निपुण लक्ष्य एप पर कार्य कम होने की जिम्मेदारी सिर्फ हमारी नहीं हैं, विभाग की भी हैं। जनवरी माह मे शिक्षण के कार्यदिवस असमान रहे, ऐसे मे प्रदेश के सभी विद्यालयों की एक साथ तुलना करना गलत हैं।  पिछले 4 माह मे 61 प्रतिशत आंकलन हुआ। उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक रही। निपुण क्विज मे शामली को हमेशा प्रथम...

अब तक नहीं आई कंपोजिट ग्रांट! कैसे होंगे स्कूलों के विकास के काम? नहीं बन पाएंगी स्मार्ट क्लास

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अब तक नहीं आई कंपोजिट ग्रांट! कैसे होंगे स्कूलों के विकास के काम? नहीं बन पाएंगी स्मार्ट क्लास

अब तक नहीं आई कंपोजिट ग्रांट!  कैसे होंगे स्कूलों के विकास के काम? नहीं बन पाएंगी स्मार्ट क्लास  📢 प्राइमरी का मास्टर PKM       अधिकृत WhatsApp चैनल 🤝   क्लिक करके फॉलो /Join करें  75 फीसदी स्कूल कम्पोजिट ग्रांट नहीं निकाल पाए थे पिछले वर्ष प्रधानाध्यापकों ने अपनी तनख्वाह से काम कराया था कम्पोजिट ग्रांट के पांच करोड़ रुपये वापस हो गए थे पिछले साल लखनऊ । प्राथमिक स्कूलों में इस साल स्मार्ट कक्षाएं नहीं बन पाएंगी। स्कूलों को अभी तक कम्पोजिट ग्रांट नहीं मिली है। ऐसे में स्कूलों में रंगाई पोताई, पठन पाठन की सामाग्री की खरीददारी के साथ ही मरम्मत के काम कैसे होंगे?  पिछले वर्ष प्रधानाध्यापकों ने अपनी तनख्वाह से काम कराया था। जिसका भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि बजट जारी भी हो जाएगा तो उनका और स्कूल में काम कराने वाले वेंडर के पंजीकरण की प्रक्रिया में मार्च गुजर जाएगा। लखनऊ में 1618 प्राथमिक, जूनियर और कम्पोजिट स्कूल हैं।  सरकार हर साल इन स्कूलों में में स्मार्ट क्लास बनाने समेत दूसरे विक...

मांग : बीमार व महिला शिक्षक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मिले छूट

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मांग : बीमार व महिला शिक्षक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मिले छूट

मांग : बीमार व महिला शिक्षक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मिले छूट  लखनऊ । उप्र बीटीसी शिक्षक संघ ने गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व महिला शिक्षकों-कर्मचारियों की लोकसभा चुनाव में ड्यूटी न लगाने की मांग की है। इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र भेजा है।  संघ ने कहा है कि चुनाव ड्यूटी के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए ऑनलाइन विवरण मांगा गया है। इसमें उन शिक्षकों-कर्मचारियों और महिलाओं का भी विवरण भेजा जा रहा है, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व दिव्यांग हैं। कुछ तो मेडिकल अवकाश पर चल रहे हैं।  संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि जो महिलाएं मैटरनिटी लीव पर हैं, उनको भी शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनका विवरण अपडेट होने और ड्यूटी लगवाने के बाद उन्हें इसको कटवाने के लिए अनावश्यक भागदौड़ व परेशानी का सामना करना पड़ता है।  source http://www.primarykamaster.in/2024/01/blog-post_30.html