Skip to main content

विदेशी फंडिंग को लेकर 4000 मदरसों की जांच SIT के हवाले

विदेशी फंडिंग को लेकर 4000 मदरसों की जांच SIT के हवाले 

 एडीजी एटीएस की अध्यक्षतामें तीन सदस्यीय टीम गठित


लखनऊ। मदरसों को हो रही विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण और देश विरोधी गतिविधियों जैसी शिकायतों को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके मद्देनजर विभिन्न  जिलों में चल रहे चार हजार से अधिक मदरसों की जांच एसआईटी से कराने का फैसला किया गया है।



आतंक निरोधी दस्ता (एटीएस) के एडीजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम में एसपी साइबर क्राइम डॉ. त्रिवेणी सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की निदेशक जे. रीभा को भी शामिल किया गया है। 


एसआईटी मदरसों को मिलने वाली विदेशी व गैर-कानूनी फंडिंग का पता लगाएगी। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी मदरसों में हो रही फंडिंग की सिलसिलेवार जांच करेगी। सभी मदरसों को नोटिस देकर फॉरेन करेंसी अकाउंट (ईईएफसी) के माध्यम से हो रहे लेनदेन की जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद उनको सूचीबद्ध किया जाएगा, जिन्हें विदेश से रकम भेजी जा रही है। फिर इस बात की जांच होगी कि किस-किस देश से रकम भेजी गई है और राशि का प्रयोग किन गतिविधियों में किया गया।


बीते दिनों एटीएस ने बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों की घुसपैठ कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा तो जांच में सामने आया कि दिल्ली से संचालित एनजीओ के माध्यम से देश में तीन वर्षों में 20 करोड़ की विदेशी फंडिंग हुई। इसका उपयोग घुसपैठियों की मदद के लिए किया जा रहा जांच के दायरे में यह भी प्रकरण रहेगा।


बता दें कि नेपाल सीमा से सटे लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और बहराइच के अलावा आसपास कई क्षेत्रों में एक हजार से अधिक मदरसों का संचालन किया जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इन्हें विदेशी फंड मिलने की बात सामने आई है। इस आधार पर अल्पसंख्यक विभाग ने कई जिलों में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच भी की थी, जिसमें इसके आय का स्रोत दिखाया गया। 


घुसपैठ से भी जुड़े हैं

बीते दिनों एटीएस ने बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों की घुसपैठ कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा तो जांच में सामने आया कि दिल्ली से संचालित एनजीओ के माध्यम से देश में तीन वर्षों में 20 करोड़ की विदेशी फंडिंग हुई। इसका उपयोग घुसपैठियों की मदद के लिए किया जा रहा था। जांच के दायरे में यह भी प्रकरण रहेगा।



source http://www.primarykamaster.in/2023/10/4000-sit.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP