Skip to main content

UPTET Exam : कोरोना का खौफ दरकिनार, 18.22 लाख ने दी परीक्षा, जनिए कैसा रहा यूपीटीईटी का प्रश्नपत्र

UPTET Exam : कोरोना का खौफ दरकिनार, 18.22 लाख ने दी परीक्षा, जनिए कैसा रहा यूपीटीईटी का प्रश्नपत्र



उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 रविवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमण का खौफ दरकिनार कर 18 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपना कॅरियर संवारने के लिए परीक्षा देने पहुंचे। प्रश्नपत्र की उत्तरमाला 27 फरवरी को वेबसाइट पर जारी होगी और अभ्यर्थियों से एक फरवरी तक ऑनलाइन आपत्तियां ली जाएंगी।



सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार, रविवार सुबह 10 से 12:30 बजे की पहली पाली में प्राथमिक स्तर के लिए 2532 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में पंजीकृत 12,91,627 अभ्यर्थियों में से 10,73,302 (83.09) उपस्थित हुए। उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 2:30 से 5 बजे की दूसरी पाली में 1733 केंद्रों पर पंजीकृत 8,73,552 अभ्यर्थियों में से 7,48,810 (85.72) उपस्थित हुए। दोनों पालियों में पंजीकृत कुल 21,65,179 अभ्यर्थियों में से 18,22,112 (84.15) परीक्षा में शामिल हुए। कुल 3,43,067 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 28 नवंबर को पेपर लीक के कारण परीक्षा निरस्त होने से परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से लेकर शासन तक के अफसरों की सांसें अटकी थी। सुबह 10 बजे जब सभी 2532 केंद्रों पर सकुशल पेपर खुलकर परीक्षा शुरू हो गई तब जाकर अफसरों ने राहत की सांस ली।


परीक्षा नियामक की ओर से भी पल-पल की खबर शासन को भेजी जाती रही। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए 1,62,511 कक्ष निरीक्षक, 8530 पर्यवेक्षक, 1423 सचल दल लगाए गए थे। सहयोग के लिए 5814 तृतीय व 14059 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सहायता ली गई।


3.43 लाख अनुपस्थित, हजारों गेट से लौटाए गए

दोनों पालियों में 3.43 लाख अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। हालांकि हकीकत में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के गेट से लौटा दिए गए। राधा रमण इंटर कॉलेज दारागंज, विवेकानंद पब्लिक स्कूल धूमनगंज आदि पर पहुंचे दर्जनों अभ्यर्थियों का आरोप था कि उनके पास वांछित अभिलेखों की मूल और फोटोकॉपी होने के बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। जो लोग बाहर से आए थे उन्हें परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में पांच मिनट की देर होने पर भी बाहर कर दिया गया। ऐसी शिकायत अन्य जिलों में भी सुनने को मिली।


पेपर लीक के फर्जी पोस्ट वायरल, एफआईआर

रविवार सुबह 10 बजे परीक्षा शुरू होने से पहले कई जिलों में अराजकतत्वों ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के पोस्ट वायरल किए। इसका संज्ञान लेते हुए वायरल पेपर का मिलान असली प्रश्नपत्रों से करने पर वायरल पोस्ट पूरी तरह से गलत और भ्रामक साबित हुए। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार इस संबंध में दोषियों के खिलाफ एफआईआर कर पुलिस कार्रवाई कर रही है।


अधिकांश प्रश्न पिछले साल के पूछे गए

रविवार को आयोजित यूपीटीईटी 2021 में अधिकांश प्रश्न पिछले सालों 2016, 2017 व 2018 की परीक्षा से थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि 150 में से लगभग 130 प्रश्न रिपीट हुए। जैसे हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण के अधिकांश प्रश्न 2017 के पेपर से जबकि बाल विकास के प्रश्न 2016 के पेपर से पूछे गए थे। पब्लिक इंटर कॉलेज मनौरी पर परीक्षा देकर निकले प्रभात तिवारी ने बताया कि अधिकांश प्रश्न पिछली परीक्षाओं के थे। सीएवी इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने पहुंची दीप्ति योगेश्वर व शिक्षा निकेतन नैनी के केंद्र पर पेपर दे रही सुमन पटेल के अनुसार 28 नवंबर को आयोजित परीक्षा का पेपर सरल था। इस बार कठिन प्रश्न थे। ज्ञान भारती इंटर कॉलेज काजीपुर रोड नैनी पर पेपर देने पहुंचे पंकज पांडेय ने बताया कि पेपर तो अच्छा था, मगर कोरोना के सारे नियमों की धज्जियां उड़ गई। बहुत सारे छात्रों की परीक्षा देरी से पहुंचने के कारण छूट गई।


source http://www.primarykamaster.in/2022/01/uptet-exam-1822.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP