Skip to main content

कोरोना से 160 शिक्षक ने तोड़ा दम, शिक्षक संगठनों ने आंकड़े पेश कर पंचायत चुनाव के कारण संक्रमण बढ़ने का किया दावा

 अब तक कोरोना से 160 शिक्षक ने तोड़ा दम, इन जिलों में हुई शिक्षकों की कोरोना से मौत

कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में कफी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। रोजाना 35 से 36 हजार के करीब संक्रमण के नये केस मिल रहे हैं, प्रतिदिन का मौत का आकड़ा 250 पहुंच गया है।

इसी बीच बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर स्कूल भले ही बंद चल रहे हैं, लेकिन इनमें पढ़ाने वाले काफी शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है, वहीं लखनऊ समेत सभी जिलो में 16 हजार के करीब शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी में लगाया गया है। कोरोना से बचाव के लिए शिक्षकों को कोई सरकारी सुविधा भी नहीं है। लखनऊ समेत अलग-अलग जिलो में करीब 160 शिक्षक कोरोना काल के गाल में समा चुके हैं, इन शिक्षकों के मृतक आश्रितों को क्या लाभ मिलेगा इस स्थिति अभी साफ नहीं दूसरी ओर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मौत हुई है, अलग-अलग जिलो में तैनात 5 खंड शिक्षा भी संक्रमण के चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं।


पंचायत चुनाव के चौथे चरण में भी बढ़ेगा संक्रमण का दायरा
वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का दावा है कि कोरोना का दायरा अभी तक हुए पंचायत चुनाव के बाद बढ़ा है, तीसरे चरण का चुनाव हो चुका है, जबकि चौथे चरण का चुनाव 28 तारीख को होने जा रहा है, इसके बाद लगातार कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ेगा। इस संबंध राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और उ प्र. प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन की ओर से चुनाव आयोग दिल्ली से लेकर राष्ट्रपति व राज्यपाल तक पत्र भी लिखे जा चुके हैं, उसके बाद भी काई हल नहीं " निकला।


इन जिलों में हुई शिक्षकों की कोरोना से मौत

लखनऊ में 19 शिक्षक, जौनपुर में 5, सोनभद्र में 6, कुशीनगर में 5, बुलंदशहर में 5, देवरिया में 5, गोरखपुर में 4, हाथरस में 6, हरदोई में 10, लखीमपुर में 10, सीतापुर में 8, प्रतापगढ़ में 7, गजियाबाद में 6, महराजगंज में 6, मथुरा में 5, शाहजहां पुर में 8, उन्नाव में 4, गोंडा में 6, बहराइच में 4, श्रावस्ती में 3, बलरामपुर में 4 शिक्षकों की मौत हुई हैं। ये वह आकड़े हैं जो शिक्षक संगठनों की ओर से दिए गये हैं, इसमें शिक्षकों का संगठनों का कहना है कि अभी काफी संख्या में और भी आकड़े हैं जो एकत्र किए जा रहे हैं।



संक्रमण की चपेट में निदेशालय
बेसिक शिक्षा निदेशालय का शिविर कार्यालय निशातगंज भी कोरोना की चपेट में हैं, यहां एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना की चपेट में अभी लगभग पूरा स्टाफ आ चुका है। कुछ अधिकारी घर से भी अपना काम कर रहे हैं।

कोरोना काल में चुनाव नहीं होने चाहिए। " थे। उसके बाद भी जिन शिक्षकों व खंड शिक्षा अधिकारियों की मौत हुई है, उनको सरकार कोरोना वारियर्स माने और 50 लाख रुपये का मुवाअजा देते हुए मृतक आश्रित में नौकरी दे 
विनय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन

चुनाव के चलते कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ा है, इसमें काफी संख्या में शिक्षक शिकार हुए हैं, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को जल्द से जल्द लाभ दिया जाना चाहिए, सरकार इनको कोरोना वारियर्स भी माने और मृतक आश्रित में नौकरी भी दी जानी चाहिए।
 महेश मिश्रा, मंडलीय अध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक संघ, स्नातक एसोसिएशन


source http://www.primarykamaster.in/2021/04/160.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP