Skip to main content

यूपी बोर्ड के 432 विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र, डिबार विद्यालयों की सूची जारी

यूपी बोर्ड के 432 विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र







प्रयागराज । यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 में सूबे के 432 विद्यालयों डिबार कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने गुरुवार को डिबार विद्यालयों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेशभर के डीआईओएस को ईमेल के माध्यम से सूची भेजकर निर्देशित किया गया है कि किसी भी हाल में इन विद्यालयों को केंद्र न बनाया जाए।


यूपी बोर्ड में 2023 की परीक्षा के लिए इस बार 58 लाख से अधिक विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं के पंजीकृत हैं। इसमें हाईस्कूल में 31,16, 485 और इंटरमीडिएट में कुल 27, 50, 913 विद्यार्थी पंजीकृत है। यूपी बोर्ड जनवरी में परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी करेगा। अभी जिला स्तर पर केंद्र निर्धारण की सूची जारी कर आपत्तियां ली जा रही हैं।


सचिव की ओर जारी सूची में प्रयागराज में 12, प्रतापगढ़ के तीन, कौशाम्बी के चार विद्यालय ब्लैकलिस्टेड हैं। इसके अलावा प्रदेश में अलीगढ़, कुशीनगर, बलिया, आगरा में डिबार किए गए विद्यालयों की संख्या अधिक है।



प्रयागराज। यूपी बोर्ड में 2023 की परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। प्रयागराज में परीक्षा केंद्रों की प्रस्तावित सूची जारी कर डीआईओएस की ओर आपत्ति मांग गई थी। गुरुवार को 12 बजे रात्रि तक ऑनलाइन आपत्तियां ली गईं। 



source http://www.primarykamaster.in/2022/12/432.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP