Skip to main content

सड़क की ओर खिड़की खुली तो विद्यालय नहीं बनेगा यूपी बोर्ड का परीक्षा केंद्र, राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को नियम में छूट

सड़क की ओर खिड़की खुली तो विद्यालय नहीं बनेगा यूपी बोर्ड का परीक्षा केंद्र, राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को नियम में छूट 


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए इस बार वह विद्यालय केंद्र नहीं बनाए जाएंगे जिनकी खिड़की सार्वजनिक सड़क या फिर संकरी गली में खुलती होगी। इन स्कूलों को असुरक्षित पर्यवेक्षण की सूची में रखा गया है, हालांकि राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस नियम में छूट दी गई है।



 इसी क्रम में जिन वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधन व प्रधानाचार्य के बीच विवाद होगा उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी प्रबंधकीय विवाद होने तथा प्राधिकृत नियंत्रक न होने पर भी स्कूलों का केंद्र नहीं बनाया जाएगा।जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूलों के भौतिक सत्यापन करने के दौरान यह भी देखा गया है कि सभी स्कूलों के मुख्य प्रवेश द्वार व शिक्षण कक्ष, प्रशासनिक कक्ष के बीच कोई हाईटेंशन तार तो नहीं गुजरा है? अब शासन स्तर पर तय होगा कि किन को केंद्र बनाया जाए। सभी केंद्रों की सूची 11 जनवरी को जारी की जाएगी। उसके अनुसार ही बोर्ड परीक्षा की तैयारियां होंगी।


source http://www.primarykamaster.in/2020/12/blog-post_80.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP