Skip to main content

उच्च शिक्षा : अगले शैक्षिक सत्र से एमफिल पाठ्यक्रम समाप्त

अगले शैक्षिक सत्र से एमफिल पाठ्यक्रम समाप्त।

राज्य मुख्यालय : प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-22 से एमफिल पाठ्यक्रम का संचालन समाप्त किए जाने का फैसला किया गया है। नई शिक्षा नीति 2020 में यह इस पाठ्यक्रम को समाप्त किए जाने की संस्तुति की गई है। ‌यह जानकारी विशेष सचिव उच्च शिक्षा मनोज कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम एक वर्ष की अवधि का है, जबकि पीएचडी पाठ्यक्रम तीन वर्ष की अवधि का है। 

एमफिल के लिए एपीआई स्कोर 5 से 7 प्वाइंट का है, जबकि पीएचडी का एपीआई स्कोर 25-30 प्वाइंट का है। नई शिक्षा नीति के तहत की गई संस्तुति के संबंध में शासन ने एमफिल पाठ्यक्रम को समाप्त किए जाने के बारे में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों से अभिमत मांगा था। लखनऊ विश्वविद्यालय, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी एवं महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली की संस्तुतियों को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-22 से एमफिल पाठ्यक्रम का संचालन समाप्त किए जाने का फैसला किया।




source http://www.primarykamaster.in/2020/10/blog-post_42.html

Comments

Popular posts from this blog

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एन०जी०ओ० का हस्तक्षेप किसी भी दशा में न कराए जाने के सम्बन्ध में UPJHSS का ज्ञापन source http://www.primarykamaster.in/2021/06/upjhss.html

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : धन वापसी के लिए विद्यालयों को लिखा जाए पत्र, प्राथमिक शिक्षक संघ ने लेखाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाने का किया विरोध। फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों से धन वापसी को लेकर मची अफरातफरी के बीच प्राथमिक शिक्षक संघ भी इसमें कूद गया है। संगठन के जिला मंत्री विजय त्रिपाठी ने सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की है कि अब तक उपयोग में न लाए गए धन की वापसी शासन के निर्देश पर होनी है। इस संबंध में अभी तक विद्यालयों के जिम्मेदार प्रधानाध्यापकों के पास कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में अध्यापकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संगठनकी मांग है कि सभी प्रधानाध्यापकों को विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया जाए, जिससे कि पत्र के आधार पर वह शासन की मंशा का अनुपालन कर सकें और रिकार्ड के रूप में पत्र रख सकें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित अध्यापक पर कार्रवाई होगी जो उचित नहीं है। बीईओ द्वारा मीटिंग बुलाए जाने का विरोध :: प्राथमिक शिक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोरोना संकट के बीच मीटिंग बुला...

फतेहपुर : प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के माता/पिता/अभिभावकों के अद्यतन एवं प्रामाणिक बैंक खातों के विवरण उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

via प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra https://ift.tt/3e3kIvP